




Price: ₹925 - ₹500.00
(as of Mar 03, 2026 02:39:07 UTC – Details)
Toofanon Mein Tohafa:: 9789355623713
यह पुस्तक श्री चाँद मिश्रा की जीवनयात्रा का वृत्तांत है। बचपन में मिले शिक्षा-संस्कार और आध्यात्मिकता के बल पर उन्होंने मुंबई फिल्म उद्योग में किस प्रकार संघर्ष पर विजय पाते हुए न केवल सफलताएँ अर्जित कीं, बल्कि फिल्म उद्योग के नामी सितारों के बिजनेस मैनेजर बनकर उन्होंने उनका कार्य सँभाला और फिल्म उद्योग में उन्हें भी एक ऊँचाई तक पहुँचाया।
यह पुस्तक इस सच्चाई को भी बयाँ करती है कि फिल्म उद्योग में काम करने वाले बड़े-बड़े सितारे, जिनके बारे में हम पता नहीं क्या कुछ सोचते रहते हैं, वह भी अपने साथ काम करने वालों के साथ कितना प्रगाढ़ रिश्ता रखते हैं, कितना एक-दूसरे का खयाल रखते हैं, किस कदर एक-दूसरे के दुःख-सुख में काम आते हैं।
Achchha Bolne Ki Kala Aur Kamyabi:: 9789351864561
प्रखर वक्ता होना, ओजस्वी वाणी का स्वामी होना, प्रभावी शैली में श्रोताओं को मंत्र-मुग्ध कर देने की क्षमता जिसमें हो, वह सामान्य व्यक्ति की तुलना में अधिक सफल होने की संभावना रखता है। बातचीत करना भाषण की कला सीखने का सबसे पहला सिद्धांत है। शुरुआती दौर में स्वर एवं अंदाज जैसी कलाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं होती है। बातचीत करना कला को सीखने का पहला सिद्धांत है; अर्थात् बोलिए, वाद-विवाद में हिस्सा लीजिए, अपनी प्रतिभा का स्वयं आकलन कीजिए और दर्शकों की आलोचना से सीखने की कोशिश कीजिए।
Gusse Ka Software aur Operating System:: 9789353222307
अथॉरिटी में एंगर नहीं है। हमें अपना रोल, अपनी रिस्पोंसिबिलिटी निभानी है, लेकिन सभी कार्य बिना डिस्टर्ब होकर करने हैं।
हम अथॉरिटी का प्रयोग करें, लेकिन गुस्सा नहीं करें। गुस्से में हम अंदर से डिस्टर्ब होकर अपने ऊपर कंट्रोल खो देते हैं। हम ऊपर से नीचे तक पूरी तरह हिल जाते हैं, लेकिन अथॉरिटी में हम पूरी तरह शांत व स्थिर रहकर कार्य करते हैं। अथॉरिटी में रहकर हम एक-एक शब्द सोच-समझकर बोलते जाते हैं। हम सकारात्मक रहते हैं।
सामान्य जीवन में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो, जिसे क्रोध न आता हो, लेकिन एक सीमा के बाद क्रोध हमारे जीवन को डिस्टर्ब करने लगता है। हमें इस सीमा की पहचान करनी आवश्यक है। हम क्रोध को नेचुरल कहकर अपने क्रोध का बचाव नहीं कर सकते हैं। हमें क्रोधित होने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेनी होगी। जिम्मेदारी लेने से हम मजबूत बनते हैं और बहाना बनाने से हम कमजोर हो जाते हैं। यदि हम अपने क्रोध की जिम्मेदारी लेते हैं, तब हमें क्रोध-मुक्ति का रास्ता भी मिलेगा।
यदि पुस्तक में दिए गए उपायों का पालन किया जाए, तो हमें क्रोध से शत-प्रतिशत मुक्ति मिल सकती है, परंतु यदि पुस्तक में दिए गए थोड़े भी उपाय का पालन किया जाए, तो हमारा गुस्सा न्यूनतम स्तर पर अवश्य आ जाएगा।
ASIN : B0FTFM9QQR
Publisher : Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
Publication date : 28 September 2025
Language : Hindi
Print length : 568 pages
Item Weight : 300 g
Dimensions : 22 x 14 x 1.4 cm
Country of Origin : India
Net Quantity : 3.0 Count
Importer : Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
Packer : BestSellingBooks
Generic Name : Book

Reviews
There are no reviews yet