






Price: ₹825 - ₹500.00
(as of Mar 04, 2026 04:08:05 UTC – Details)
High Value Women:: 9789355628237
हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान और उनकी भूमिका महत्त्वपूर्ण रही है। अपनी कड़ी मेहनत और कर्तृत्व के द्वारा महिलाएँ अपने असाधारण सामर्थ्य का परिचय समय-समय पर देती रही हैं। चाहे कला हो, शिक्षा हो, विज्ञान हो, अंतरिक्ष हो, राजनीति हो, कूटनीति हो, समाज-सेवा या अन्य कोई भी क्षेत्र, महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और योगदान से दुनिया को प्रभावित किया है। ऐसी महिलाएँ न केवल अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहीं, बल्कि उन्होंने अपनी कर्मठता, समर्पण और नेतृत्व से समाज को और अधिक मजबूत बनाया।
यह पुस्तक सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं है, बल्कि इसे हर व्यक्ति को पढ़ना चाहिए और समझना चाहिए कि उनके आसपास जो महिलाएँ हैं, वे महत्त्वपूर्ण व अमूल्य हैं। वे आपके लिए सिर्फ एक देह या एक साथी, एक सेविका से बढ़कर और भी बहुत कुछ हैं।
Achchha Bolne Ki Kala Aur Kamyabi:: 9789351864561
प्रखर वक्ता होना, ओजस्वी वाणी का स्वामी होना, प्रभावी शैली में श्रोताओं को मंत्र-मुग्ध कर देने की क्षमता जिसमें हो, वह सामान्य व्यक्ति की तुलना में अधिक सफल होने की संभावना रखता है। बातचीत करना भाषण की कला सीखने का सबसे पहला सिद्धांत है। शुरुआती दौर में स्वर एवं अंदाज जैसी कलाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं होती है। बातचीत करना कला को सीखने का पहला सिद्धांत है; अर्थात् बोलिए, वाद-विवाद में हिस्सा लीजिए, अपनी प्रतिभा का स्वयं आकलन कीजिए और दर्शकों की आलोचना से सीखने की कोशिश कीजिए।
Gusse Ka Software aur Operating System:: 9789353222307
अथॉरिटी में एंगर नहीं है। हमें अपना रोल, अपनी रिस्पोंसिबिलिटी निभानी है, लेकिन सभी कार्य बिना डिस्टर्ब होकर करने हैं।
हम अथॉरिटी का प्रयोग करें, लेकिन गुस्सा नहीं करें। गुस्से में हम अंदर से डिस्टर्ब होकर अपने ऊपर कंट्रोल खो देते हैं। हम ऊपर से नीचे तक पूरी तरह हिल जाते हैं, लेकिन अथॉरिटी में हम पूरी तरह शांत व स्थिर रहकर कार्य करते हैं। अथॉरिटी में रहकर हम एक-एक शब्द सोच-समझकर बोलते जाते हैं। हम सकारात्मक रहते हैं।
सामान्य जीवन में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो, जिसे क्रोध न आता हो, लेकिन एक सीमा के बाद क्रोध हमारे जीवन को डिस्टर्ब करने लगता है। हमें इस सीमा की पहचान करनी आवश्यक है। हम क्रोध को नेचुरल कहकर अपने क्रोध का बचाव नहीं कर सकते हैं। हमें क्रोधित होने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेनी होगी। जिम्मेदारी लेने से हम मजबूत बनते हैं और बहाना बनाने से हम कमजोर हो जाते हैं। यदि हम अपने क्रोध की जिम्मेदारी लेते हैं, तब हमें क्रोध-मुक्ति का रास्ता भी मिलेगा।
ASIN : B0FTFLW8KQ
Publisher : Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
Publication date : 28 September 2025
Language : Hindi
Print length : 536 pages
Item Weight : 300 g
Dimensions : 22 x 14 x 1.4 cm
Country of Origin : India
Net Quantity : 3.0 Count
Importer : Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
Packer : BestSellingBooks
Generic Name : Book

Reviews
There are no reviews yet